बहते पानी सी जिन्दगी में उसमें एक ठहराव सा लगता है|
जाने क्यूँ वो जाना पहचाना सा लगता है |
गर्मी की दोपहर में बहती शीतलता भरी हवा का झोंका सा है वो
सर्द रातों में तो गरमाहट का लम्हा सा लगता है |
जाने क्यूँ वो जाना पहचाना सा लगता है |
जाने क्यूँ वो जाना पहचाना सा लगता है |
गर्मी की दोपहर में बहती शीतलता भरी हवा का झोंका सा है वो
सर्द रातों में तो गरमाहट का लम्हा सा लगता है |
जाने क्यूँ वो जाना पहचाना सा लगता है |
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