जबसे तू दवा हुआ है
हर मर्ज़ से दिल जुदा हुआ है
ना तेरी वो तलब रही...
और अब तो तू अंधेरी रातों का सूकून भी हुआ है
जबसे तू दवा हुआ है, जबसे तू दवा हुआ है!
हर मर्ज़ से दिल जुदा हुआ है
ना तेरी वो तलब रही...
और अब तो तू अंधेरी रातों का सूकून भी हुआ है
जबसे तू दवा हुआ है, जबसे तू दवा हुआ है!
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