बस_यूँही
Something from the Depth of heart ...
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Friday, August 2, 2019
तू घर सा है
बीते मौसम सा जो बदला नहीं वही पल सा है..
बेबुनियादी सी बातें भी समझे वही मन सा है
अब इससे ज्यादा क्या कहूँ
तुझे
कह दिया जब घर सा है..
परेशानी में सब प्रश्नों को सुलझा दे वही हल सा है...
जिसके होने से दिल हर पल खुश रहे वही रौनक सा है
क्यूँकि तू तो घर सा है |
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