ads

Sunday, December 31, 2023

खुदसे ये कैसी जंग है


 

टुटा तारा



 

Friday, December 29, 2023

पन्ने जिंदगी के


 

Room is the best witness


 

गम भी बातें जाते हैं








 

Monday, May 22, 2023

आ चल उड़ते हैं



सुना है जीवन एक कठपुतली है विचारों की 

तो  इस कठपुतली को  अपनी  उँगलियों पर  नचा  कर  देख  लूँ ,

इस  रंगमंच  के  सभी  किरदारों  से  कुछ  तो नया   सा  सीख   लूँ.. 

पलटते  हैं  किस्मत  के   सिक्के  भी  इरादों  की  आँधिंयो  से ,

आ  फिर  आज  इन  अनधिनयों  से  ही  कुछ  पल  झुँझ  लूँ ..

नींद  की  आज  चाह  नहीं  तो  दिल  में  आया  क्यों  न  इन  रातों  मे  जगना  सीख  लूँ 

दूरी  मेरे  ख्वाबों  से  जाने  कितनी  है  बस  आरजू  इतनी  है   की  इन  राहों  में   चलना  सीख  लूँ 

उड़  जाऊँ   इस  कदर  अपने  पंखों  से  की  कामयाबी  के  रंगों  में  भीगना  और  भिगाना   सीख  लूँ ..

कुछ  इस  कदर  है  ऊँची  इन  ख्वाबों  की  उड़ाने की  जिंदगी  को  खुशियों  के  पल   में   डुबाना  सीख  लूँ ..

Wednesday, February 15, 2023

ख़त्म होते फूलों की दास्ताँ


      जो फूल तोड़े नहीं गये वो ही खिलखिला रहे हैं 

     जिनको छुआ गया, नोचा गया, तोड़ा गया वो तो कबके ख़त्म हो गये हैं|


Thursday, February 9, 2023

धर्म और मजहब से परे


धर्म और मजहब की बात ना कर ऐ ग़ालिब
ये दीवारें तो दिल और जबान के आगे हर रोज कहीं ना कहीं गिरती हैं


Sunday, February 5, 2023

नर कूँ नीच करि डारि है

 नर कूँ नीच करि डारि है, ओछे करम की कीच
जिसका अर्थ है कि सिर्फ जन्म लेने से कोई नीच नही बन जाता है बल्कि इन्सान के कर्म ही उसे नीच बनाते हैं।


 

रैदास प्रेम नहिं छिप सकई

रैदास प्रेम नहिं छिप सकई, लाख छिपाए कोय।

प्रेम मुख खोलै कभऊँ, नैन देत हैं रोय॥