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Wednesday, February 15, 2023

ख़त्म होते फूलों की दास्ताँ


      जो फूल तोड़े नहीं गये वो ही खिलखिला रहे हैं 

     जिनको छुआ गया, नोचा गया, तोड़ा गया वो तो कबके ख़त्म हो गये हैं|


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