ads

Saturday, October 9, 2021

दौर

कलाकारी का ऐसा दौर चल पड़ा है मियां
क्या सच क्या झूट समझ नहीं पा रहे हैं
एक तरफ तस्वीर का वो पहलू जो दिखाया जा रहा है 
तो एक तरफ वो जो सुर्खियों के शोरों में कहीं गुम है
कुछ मुद्दे बार बार उठाए जाते तो कुछ राजों को ओझल किया जाता है
 कुछ इस कदर हर एक सक्ष को
किस्से कहानियों के जालों में गुमराह किया जाता है।